Saturday, 24 October 2026 • --:--:--
⚡ ताज़ा ख़बर
• सड़क हादसों पर लगाम लगाने की तैयारी: हल्द्वानी संभाग के 40 प्रवर्तन कर्मियों को मिला वैज्ञानिक क्रैश इन्वेस्टिगेशन का प्रशिक्षण, दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने पर जोर • टीकाकरण अभियान को मिलेगी डिजिटल रफ्तार, एएनएम को एचएमआईएस, जननी और यू-विन पोर्टल का दिया जा रहा प्रशिक्षण • गल्ला मंडी में भी शुरू हुआ गड्ढामुक्त अभियान • एसएसपी अजय गणपति का ‘ऑपरेशन सफाया’: नानकमत्ता में 10 घंटे पुलिस का बड़ा प्रहार, 10 तमंचे बरामद; 350 लीटर कच्ची शराब जब्त, 12 लाख नकदी और 7 QR स्कैनर मिलने से जांच तेज • ➡️ कोतवाली कुण्डा क्षेत्र में भीषण सड़क दुर्घटना में 03 व्यक्तियों की मृत्यु की घटना पर एसएसपी ने लिया कड़ा संज्ञान। • ऑपरेशन प्रहार: उप निरीक्षक मनोज कुमार की मुस्तैदी से टली बड़ी वारदात की आशंका, तमंचे और चाकू के साथ दो युवक गिरफ्तार • राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित दिनेश आर्य को सांसद अजय भट्ट ने दी बधाई, उत्तराखंड के विकास में अहम भूमिका निभाने की जताई उम्मीद • मानव तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क पर शिकंजा कसने की रणनीति तैयार, उत्तराखण्ड पुलिस के सम्मेलन में छह राज्यों के 134 प्रतिनिधियों ने किया मंथन

समाचार खोजें...

जिलाधिकारी नितिन सिंह भदोरिया की सख्ती: लापरवाह अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण, लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश

📑 विषय-सूची (Table of Contents)

    रुद्रपुर। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने मंगलवार को वर्चुअल माध्यम से आयोजित मासिक स्टाफ बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकताओं और जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में लंबित प्रकरणों, राजस्व मामलों, वसूली, धान खरीद, खाद्य सुरक्षा, सड़कों की स्थिति और सीएम हेल्पलाइन समेत विभिन्न विभागों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब करते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

    बैठक के दौरान अभियोजन कार्यों की समीक्षा में अपेक्षित प्रगति नहीं पाए जाने पर जिलाधिकारी ने लोक अभियोजक जयपाल सिंह और सीमा रानी का स्पष्टीकरण तलब किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि न्यायालयों में लंबित मामलों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए और संबंधित प्रकरणों में समयबद्ध कार्रवाई की जाए।

    यह भी पढ़ें 👉जिलाधिकारी मनीष कुमार की पहल से महिला सशक्तिकरण को नई उड़ान, विकास भवन में एनआरएलएम की फूड कैंटीन शुरू

    भूमि एवं प्रमाण पत्र से संबंधित लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने एसडीएम स्तर पर लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पटवारी की जांच के बाद कानूनगो भी मौके का निरीक्षण करें और सत्यापन रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराई जाए। ऑनलाइन पोर्टल की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने धारा 143 से संबंधित सभी ऑनलाइन आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।

    उन्होंने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को संबंधित पोर्टल पर नियमित रूप से लॉगिन कर लंबित मामलों की निगरानी करने के निर्देश दिए। एसडीएम न्यायालयों में तीन से पांच वर्ष या उससे अधिक समय से लंबित मामलों के निस्तारण में भी तेजी लाने को कहा गया।

    जिलाधिकारी ने मुख्य देयकों के साथ-साथ विविध देयकों की वसूली बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित राजस्व लक्ष्य अगले माह तक शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना के साथ काम करने को कहा।

    धान खरीद की तैयारियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने समय पर क्रय केंद्र संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही खरीद प्रक्रिया की निगरानी के लिए फ्लाइंग स्क्वायड दल तैनात करने और किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने को कहा।

    आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए जिलाधिकारी ने खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग को प्रभावी कार्रवाई करने और बाजारों में नियमित जांच अभियान संचालित करने को कहा, ताकि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।

    जिलाधिकारी ने जिले की सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के लिए संबंधित एसडीएम को नोडल अधिकारी नामित किया है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को सड़कों की स्थिति का निरीक्षण कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जनगणना से जुड़े कार्यों में तेजी लाने और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर लंबित शिकायतों का नियमित रूप से निस्तारण सुनिश्चित करने को भी कहा।

    बैठक में अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, कौस्तुभ मिश्रा, एसडीएम तुषार सैनी, हिमांशु कफलटिया, एएसपी अनुषा बडोला, संयुक्त निदेशक विधि डीएस जंगपांगी, डीजीसी मनोज तिवारी, बरीत सिंह सहित सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार और अन्य संबंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।

    यह भी पढ़ें 👉एसएसपी अजय गणपति की सख्त रणनीति रंग लाई: 100 से अधिक CCTV फुटेज से हत्या की गुत्थी सुलझी, ₹ 5 हजार की रंजिश के चलते क़रीबी दोस्त ने ही हत्याकांड को दिया अंजाम

    अपनी राय व्यक्त करें (टिप्पणी लिखें)

    Your email address will not be published. Required fields are marked *