देहरादून | 26 जुलाई 2026। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट के देहरादून स्थित डी.एल. रोड आवास पहुंचकर उन्हें भावभीनी अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर इस कठिन समय में अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
मुख्यमंत्री ने जनसेवा के योगदान को किया याद
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्व. हीरा सिंह बिष्ट के लंबे सार्वजनिक जीवन को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपना जीवन जनसेवा, सामाजिक सरोकारों और प्रदेश के विकास के लिए समर्पित किया।
उन्होंने कहा कि हीरा सिंह बिष्ट ने अपने राजनीतिक जीवन में हमेशा जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता दी और समाज के हर वर्ग की आवाज़ को मजबूती से उठाया। उनके निधन से उत्तराखंड ने एक अनुभवी, सरल और जनप्रिय नेता को खो दिया है।
परिजनों से मिलकर दी ढांढस
श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री ने स्व. हीरा सिंह बिष्ट के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
शनिवार देर रात हुआ था निधन
गौरतलब है कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट का शनिवार देर रात हृदयाघात (हार्ट अटैक) के कारण निधन हो गया था। अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें देहरादून के ईसी रोड स्थित सिटी हार्ट हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
उनके निधन की खबर मिलते ही प्रदेश के राजनीतिक, सामाजिक और श्रमिक संगठनों में शोक की लहर दौड़ गई।
उत्तराखंड की राजनीति का सम्मानित चेहरा थे हीरा सिंह बिष्ट
हीरा सिंह बिष्ट लंबे समय तक कांग्रेस की राजनीति का प्रमुख चेहरा रहे। उन्होंने अविभाजित उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड, दोनों दौर में सक्रिय राजनीति करते हुए जनहित के अनेक मुद्दों पर प्रभावी भूमिका निभाई।
कैबिनेट मंत्री के रूप में उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारियां संभालीं और संगठन को मजबूत बनाने के साथ-साथ आम जनता से जुड़े विषयों को सदैव प्राथमिकता दी। उनकी पहचान एक सादगीपूर्ण, कर्मठ और जनसेवा के प्रति समर्पित नेता के रूप में रही।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी लोगों की भीड़
स्व. हीरा सिंह बिष्ट के अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, समर्थकों और बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उनके निधन को उत्तराखंड की सार्वजनिक जीवन और लोकतांत्रिक राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
जनसेवा की विरासत हमेशा रहेगी प्रेरणास्रोत
हीरा सिंह बिष्ट ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में जनहित, संगठन, श्रमिकों के अधिकार और सामाजिक मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनके विचार, कार्यशैली और जनसेवा की विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।
