रुद्रपुर। सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने, हादसों के वास्तविक कारणों की पहचान करने और भविष्य में उनकी पुनरावृत्ति रोकने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा अभियान को नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। शुक्रवार को रामपुर रोड स्थित एक निजी होटल में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में हल्द्वानी संभाग के 40 परिवहन सहायक निरीक्षकों एवं परिवहन आरक्षियों को विभागीय नियमों, सड़क सुरक्षा, प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई और वैज्ञानिक क्रैश इन्वेस्टिगेशन की बारीकियों से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सड़क हादसों को केवल दुर्घटना मानकर छोड़ने के बजाय उनके पीछे छिपे कारणों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जा सकें।
दुर्घटनाओं के कारणों की पहचान से लेकर रोकथाम तक, प्रशिक्षण में मिला व्यावहारिक मार्गदर्शन
कार्यक्रम का शुभारंभ परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मुख्य अतिथि संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव कुमार मेहरा सहित उपस्थित अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), हल्द्वानी संभाग गुरदेव सिंह तथा संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा), हल्द्वानी संभाग अरविन्द पाण्डेय ने अतिथियों का स्वागत किया और प्रशिक्षण की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में प्रतिभागियों को विभागीय नियमों, उनके अनुपालन तथा प्रवर्तन संबंधी कार्यवाहियों की विस्तृत जानकारी दी गई। द्वितीय सत्र में सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर केंद्रित प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें दुर्घटनाओं के कारणों को समझने, संभावित जोखिमों की पहचान करने और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभागीय स्तर पर की जाने वाली कार्रवाई को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रवर्तन कार्मिकों ने अपने कार्यक्षेत्र से जुड़ी विभिन्न समस्याओं, प्रश्नों और जिज्ञासाओं को भी सामने रखा, जिनके समाधान के लिए विशेषज्ञों एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।

वैज्ञानिक क्रैश इन्वेस्टिगेशन पर विशेष जोर, विशेषज्ञों ने समझाईं दुर्घटना जांच की बारीकियां
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सड़क दुर्घटनाओं के विश्लेषण और उनकी रोकथाम को लेकर विशेषज्ञों के महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए गए। सहायक निदेशक, सड़क सुरक्षा, परिवहन विभाग श्री नरेश संगल ने ‘रोड सेफ्टी एंड ओवरव्यू ऑन रोड एक्सीडेंट इन उत्तराखंड’ विषय पर प्रतिभागियों को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सड़क सुरक्षा के व्यापक परिप्रेक्ष्य तथा उत्तराखंड में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के अध्ययन से संबंधित विषयों पर प्रकाश डाला।
वहीं, जे.पी. रिसर्च इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के टीम लीडर श्री सुमित दुल ने ‘साइंटिफिक क्रैश इन्वेस्टिगेशन ऑफ एक्सीडेंट’ विषय पर प्रशिक्षण प्रदान किया। इस सत्र में वैज्ञानिक दृष्टिकोण से दुर्घटनाओं की जांच करने और उनके कारणों का विश्लेषण करने के महत्व को रेखांकित किया गया। प्रशिक्षण का मूल उद्देश्य प्रवर्तन कार्मिकों को ऐसी समझ और कार्यकुशलता से लैस करना रहा, जिससे वे दुर्घटनाओं की परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझ सकें और सड़क सुरक्षा से जुड़ी कार्रवाई को अधिक प्रभावी बना सकें।

‘दुर्घटना के कारणों की बारीकियां समझें कार्मिक, दैनिक कार्यप्रणाली में करें उपयोग’
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव कुमार मेहरा ने अपने संबोधन में कहा कि सभी प्रवर्तन कार्मिकों को सड़क दुर्घटनाओं के कारणों की बारीकियों को गंभीरता से समझना चाहिए। प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखते हुए अपने दैनिक कार्यकलापों में उसका उपयोग करना आवश्यक है। उन्होंने दुर्घटनाओं की रोकथाम में प्रवर्तन कार्मिकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्हें अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सड़क सुरक्षा का लक्ष्य केवल नियमों का पालन सुनिश्चित कराना नहीं, बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका को कम करना और लोगों के जीवन की रक्षा करना भी है। इसके लिए विभागीय कार्मिकों को नियमों की जानकारी के साथ-साथ दुर्घटनाओं के कारणों की पहचान, परिस्थितियों के आकलन और प्रभावी कार्रवाई की समझ विकसित करनी होगी। जनपद में आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम करने की दिशा में कार्मिकों की कार्यक्षमता को मजबूत बनाना रहा।

40 प्रवर्तन कार्मिकों ने लिया प्रशिक्षण, विभागीय कार्रवाई और जनसुरक्षा के प्रति जवाबदेही पर जोर
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), ऊधमसिंहनगर मोहित कोठारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), ऊधमसिंहनगर नवीन कुमार सिंह, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), काशीपुर श्री संदीप वर्मा तथा परिवहन कर अधिकारी आशुतोष डिमरी सहित हल्द्वानी संभाग के 40 परिवहन सहायक निरीक्षकों एवं परिवहन आरक्षियों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों को विभागीय नियमों तथा सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत की जाने वाली कार्रवाई के संबंध में प्रशिक्षित किया गया। अधिकारियों ने प्रशिक्षण के माध्यम से कार्मिकों को उनके दायित्वों के प्रति जागरूक करते हुए सड़क सुरक्षा के मूल उद्देश्य को व्यवहार में उतारने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही, दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों और मृतकों की संख्या में प्रभावी कमी लाने के लिए विभागीय स्तर पर सतर्कता, जिम्मेदारी और समन्वित प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया गया।
प्रमाणपत्र देकर किया सम्मानित, सड़क सुरक्षा के प्रति निष्ठापूर्वक दायित्व निभाने का संकल्प
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित सभी प्रतिभागियों को संयुक्त परिवहन आयुक्त, संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), हल्द्वानी संभाग तथा संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा), हल्द्वानी संभाग की ओर से प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। इस पहल का उद्देश्य प्रशिक्षण में सहभागिता को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा के प्रति कार्मिकों की जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता को और मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम के माध्यम से सभी प्रतिभागियों ने सड़क सुरक्षा के प्रति अपने दायित्वों को समझते हुए उनका निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का संकल्प लिया। अंत में संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा), हल्द्वानी संभाग श्री अरविन्द पाण्डेय ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उनके धन्यवाद ज्ञापन के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ।
