रुद्रपुर। गुरुवार को गंगापुर रोड स्थित जेसीज पब्लिक स्कूल में आयोजित “युवा सोच, नया उत्तराखंड” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहुंचे, जहां उन्होंने छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी सोच और भविष्य की आकांक्षाओं को जाना। इस अवसर पर महापौर विकास शर्मा ने मुख्यमंत्री का स्वागत एवं अभिनंदन किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों के बीच खासा उत्साह नजर आया और युवाओं को उत्तराखंड के विकास की नई दिशा से जोड़ने का संदेश दिया।
विद्यार्थियों से संवाद ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और विद्यार्थियों के बीच हुआ संवाद रहा। मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं से उनके विचार, आकांक्षाएं और भविष्य को लेकर उनकी सोच जानी तथा उन्हें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उनके साथ संवाद के अवसर ने विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया।

महापौर ने किया मुख्यमंत्री का अभिनंदन
कार्यक्रम में महापौर विकास शर्मा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आत्मीय अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की युवा पीढ़ी में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि उनकी रचनात्मक सोच को उचित मंच और अवसर मिले, ताकि वे उत्तराखंड के विकास में प्रभावी भागीदारी निभा सकें।
अपर्णा शर्मा ने संजोया यादगार क्षण
कार्यक्रम के दौरान महापौर विकास शर्मा की पुत्री अपर्णा शर्मा को भी मुख्यमंत्री के साथ तस्वीर लेने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी के रूप में उन्होंने इस विशेष अवसर को यादों में सहेज लिया। यह पल कार्यक्रम की सकारात्मक और आत्मीय तस्वीर पेश करता नजर आया।

युवा सोच से बदलेगा उत्तराखंड का भविष्य
महापौर विकास शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों के साथ इस तरह के संवादात्मक आयोजन केवल प्रेरणा देने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि युवाओं को अपने विचार सामने रखने और प्रदेश के भविष्य को लेकर सोचने का अवसर भी प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी की कल्पनाशीलता, तकनीकी समझ और नवाचार की क्षमता उत्तराखंड को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
आत्मनिर्भर प्रदेश की दिशा में युवा शक्ति निर्णायक
महापौर ने कहा कि मजबूत, आधुनिक और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की नींव युवा शक्ति के सामर्थ्य पर टिकी है। विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, रचनात्मकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने वाले कार्यक्रम भविष्य के उत्तराखंड को नई दिशा देंगे। उन्होंने ऐसे आयोजनों को प्रदेश की युवा प्रतिभाओं को सामने लाने की दिशा में सार्थक कदम बताया।

