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SSP अजय गणपति के सख्त निर्देशन में महिला आत्महत्या प्रकरण का खुलासा — आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने एवं आवश्यक साधन उपलब्ध कराने वाले 02 अभियुक्त गिरफ्तार

📑 विषय-सूची (Table of Contents)

    ऊधमसिंहनगर। सितारगंज कोतवाली क्षेत्र में हुई महिला सरस्वती की आत्महत्या संबंधी घटना में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अजय गणपति के सख्त निर्देशन में हुई निष्पक्ष विवेचना में दोनों अभियुक्तों की अलग-अलग भूमिका सामने आई है। साक्ष्यों के आधार पर पवित्र सरकार उर्फ कन्हई और जितेन्द्र उर्फ बंकिम सरकार को गिरफ्तार कर जिला कारागार हल्द्वानी भेज दिया गया।

    दिनांक 15 अगस्त 2026 को सितारगंज बाईपास रोड पर एक टुकटुक में आग लगने की सूचना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची पुलिस टीम को पता चला कि टुकटुक में पवित्र सरकार और सरस्वती झुलस गए हैं। जांच में सामने आया कि सरस्वती ने टुकटुक के अंदर अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा ली थी, जिससे दोनों गंभीर रूप से झुलस गए।

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    दोनों को उपचार के लिए उपजिला चिकित्सालय सितारगंज ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी रेफर किया गया। सरस्वती लगभग 80-90 प्रतिशत झुलसी हुई थी। गंभीर स्थिति के कारण उन्हें एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान 19 अगस्त 2026 को उनकी मृत्यु हो गई। पवित्र सरकार लगभग 18-20 प्रतिशत झुलसा था, जिसका उपचार साई अस्पताल हल्द्वानी में कराया गया।

    मृतका के पिता दयाल चंद्र मंडल की तहरीर पर कोतवाली सितारगंज में मुकदमा संख्या 410/2026 धारा 118(1), 118(2), 351(3) बीएनएस के अंतर्गत दर्ज किया गया। बाद में विवेचना के आधार पर धारा 108 बीएनएस में तरमीम की गई।

    इस गंभीर प्रकरण का तत्काल संज्ञान लेते हुए SSP अजय गणपति ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध प्रभावी वैधानिक कार्रवाई के कड़े निर्देश दिए। इन निर्देशों के क्रम में पुलिस अधीक्षक नगर रुद्रपुर एवं क्षेत्राधिकारी सितारगंज के निर्देशन तथा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली सितारगंज के नेतृत्व में पुलिस टीम ने उपलब्ध साक्ष्यों, सीडीआर, सीसीटीवी और अन्य तकनीकी तथ्यों के आधार पर गहन विवेचना की।

    विवेचना में सामने आया कि पवित्र सरकार उर्फ कन्हई और सरस्वती के बीच करीब 3-4 वर्षों से प्रेम संबंध थे। सरस्वती अपने पति से पारिवारिक विवाद के कारण दो बेटियों के साथ मायके में रह रही थी। पवित्र की पत्नी और परिजनों को संबंध की जानकारी होने के बाद परिवार में विरोध शुरू हो गया।

    पवित्र सरकार सरस्वती से संपर्क बनाए रखने के लिए अपनी पत्नी पर दबाव डालता था और मर जाने, फांसी लगाने या जहर खाने जैसी बातें करता था। दूसरी ओर सरस्वती ने अपनी माता को बताया था कि पवित्र उसे परेशान करता है, शादी करने और मकान बेचकर कहीं और साथ रहने की बात करता है। वह उससे पीछा छुड़ाना चाहती थी।

    परिजनों के विरोध के बाद पवित्र ने सरस्वती से बातचीत कम कर दी और मोबाइल नंबर बंद कर दिया। करीब 10-12 दिन बातचीत न होने से सरस्वती मानसिक रूप से परेशान हो गई। 15 अगस्त को वह सितारगंज पहुंची और पवित्र के टुकटुक में बैठी, जहां उसने स्वयं पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली।

    सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों से स्पष्ट हुआ कि पवित्र सरकार द्वारा सरस्वती पर लगातार मानसिक दबाव, संबंध एवं विवाह के लिए दबाव तथा आत्महत्या की धमकियां दी जा रही थीं। इन तथ्यों को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण की कड़ी माना गया। पवित्र सरकार को 14 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जिला कारागार हल्द्वानी भेज दिया गया।

    विवेचना के दौरान जितेन्द्र उर्फ बंकिम सरकार की भूमिका भी सामने आई। जितेन्द्र पूर्व से सरस्वती को जानता था। दोनों ने एक कंपनी में साथ काम किया था। जितेन्द्र सरस्वती को पसंद करता था और उससे विवाह करना चाहता था, जबकि सरस्वती उसे दोस्त मानती थी और पवित्र से प्रेम करती थी। जितेन्द्र चाहता था कि सरस्वती और पवित्र अलग हो जाएं।

    11-12 अगस्त के आसपास सरस्वती ने जितेन्द्र से पेट्रोल की व्यवस्था करने को कहा था। 15 अगस्त को दोनों के बीच लगातार फोन पर बातचीत हुई। सरस्वती के मोबाइल में जितेन्द्र के साथ हुई 6 ऑडियो रिकॉर्डिंग मिलीं, जिनमें पेट्रोल की व्यवस्था, बोतल में पेट्रोल भरने, लाइटर साथ रखने और मिलने संबंधी बातचीत दर्ज है।

    पूछताछ में जितेन्द्र ने बताया कि 15 अगस्त को वह अपनी स्प्लेंडर प्रो मोटरसाइकिल से सरस्वती को सितारगंज लाया। वहां उसने दुकान से हरे रंग की 20 रुपये वाली ड्यू कोल्ड ड्रिंक की बोतल ली। कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद मोटरसाइकिल के नीचे से पाइप खोलकर बोतल में पेट्रोल भरा और सरस्वती को दे दिया। इसके बाद सरस्वती के कहने पर उसने पवित्र के टुकटुक का पीछा किया, गोल चौराहे से आगे टुकटुक रोक दिया। सरस्वती पेट्रोल की बोतल और लाइटर लेकर टुकटुक में बैठ गई, जिसके बाद जितेन्द्र वहां से चला गया।

    सीडीआर, सीसीटीवी, ऑडियो रिकॉर्डिंग, अभियुक्त के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जितेन्द्र द्वारा सरस्वती को आत्महत्या हेतु आवश्यक साधन उपलब्ध कराने और घटना से ठीक पूर्व सक्रिय रूप से जुड़े रहने के तथ्य सामने आए। जितेन्द्र को 15 सितंबर 2026 को हिरासत में लिया गया। घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी कब्जे में ली गई। 16 सितंबर को उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश कर जिला कारागार हल्द्वानी भेज दिया गया।

    पुलिस के अनुसार पवित्र सरकार की भूमिका मृतका को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, संबंध एवं विवाह के लिए दबाव बनाने और आत्महत्या की धमकियां देने से संबंधित है। जबकि जितेन्द्र द्वारा घटना से पूर्व पेट्रोल उपलब्ध कराने और मृतका को पवित्र के टुकटुक तक पहुंचाने की भूमिका सामने आई है। दोनों के विरुद्ध उनके-अपने कृत्य के अनुसार वैधानिक कार्रवाई की गई है।

    1. पवित्र सरकार उर्फ कन्हई – पुत्र नारायण सरकार, निवासी शक्तिफार्म नं. 01, बैकुंठपुर, कोतवाली सितारगंज, उम्र 35 वर्ष।
    2. जितेन्द्र उर्फ बंकिम सरकार – पुत्र स्वर्गीय रबिंद्र सरकार, निवासी गोकुल नगरी, तहसील/ब्लॉक क्षेत्र बिलासपुर, जनपद रामपुर (उत्तर प्रदेश), उम्र 27 वर्ष।

    प्रभारी निरीक्षक सुंदरम शर्मा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक/विवेचक जावेद मलिक, हेड कांस्टेबल मतलूब खान, हेड कांस्टेबल जगदीश सिंह कोठियाल, कांस्टेबल कृष्ण चन्द्र और कांस्टेबल प्रेम कनवाल।

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