चम्पावत, 26 सितम्बर। टनकपुर के नायकखेड़ा क्षेत्र को आपदा के लिहाज से अधिक सुरक्षित और सुदृढ़ बनाने के लिए 83.58 करोड़ रुपये की स्वीकृत लागत से “इकोलॉजिकल कॉरिडोर एट नायकखेड़ा फॉर डिजास्टर रेजिलिएंस” परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। परियोजना का करीब 50 प्रतिशत भौतिक कार्य पूरा हो चुका है, जबकि वित्तीय प्रगति 38.51 प्रतिशत दर्ज की गई है।
परियोजना का उद्देश्य नायकखेड़ा और आसपास के क्षेत्रों में आपदा जोखिम को कम करना तथा स्थानीय आबादी और महत्वपूर्ण आधारभूत संरचनाओं को बेहतर सुरक्षा प्रदान करना है। इसके तहत विभिन्न सुरक्षात्मक और संरचनात्मक कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान में लॉन्चिंग एप्रन, रिटेनिंग वॉल और अर्थ फिलिंग का कार्य प्रगति पर है।
परियोजना के तहत निर्मित होने वाली रिटेनिंग वॉल, लॉन्चिंग एप्रन और अन्य सुरक्षात्मक संरचनाएं क्षेत्र की भूमि तथा महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचे को संभावित आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाने में सहायक होंगी। इसके साथ ही पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जा रहा यह कॉरिडोर क्षेत्र की दीर्घकालिक सुरक्षा और आपदा प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
परियोजना के पूरा होने के बाद नायकखेड़ा और आसपास के क्षेत्रों में आपदा के दौरान संभावित नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी। इससे स्थानीय आबादी को बेहतर सुरक्षा मिलने के साथ ही क्षेत्र में सुरक्षित और टिकाऊ विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
चम्पावत में विकास कार्यों के साथ आपदा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को जोड़ते हुए यह परियोजना क्षेत्र को अधिक सुरक्षित और आपदा प्रतिरोधी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
