हल्द्वानी | 26 जुलाई 2026। हल्द्वानी स्थित मरियम पैरामेडिकल कॉलेज को लेकर चल रहा विवाद अब पुलिस जांच के दायरे में पहुंच गया है। कॉलेज संचालित करने वाली मरियम एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी के संस्थापक पक्ष ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल और थाना मुखानी में विस्तृत शिकायत देकर आरोप लगाया है कि कॉलेज की संपत्ति, प्रशासन और वित्तीय व्यवस्था पर कथित रूप से अवैध नियंत्रण स्थापित करने की सुनियोजित कोशिश की गई। शिकायत में मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
नोट: इस समाचार में उल्लिखित आरोप शिकायतकर्ता पक्ष के दावों पर आधारित हैं। मामले की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच एवं उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही हो सकेगी।
संस्थापक पक्ष ने लगाए फर्जी दस्तावेज और कब्जे की साजिश के आरोप
शिकायत के अनुसार, वर्ष 2009 में PICUP से हल्द्वानी के कमलुआगांजा क्षेत्र में लगभग 1.6 एकड़ भूमि खरीदकर मरियम पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना की गई थी। संस्थापक पक्ष का कहना है कि वर्षों की मेहनत से तैयार किए गए इस शैक्षणिक संस्थान में वर्तमान में लगभग 150 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।
संस्थापक पक्ष का दावा है कि फरवरी 2024 में तत्कालीन अध्यक्ष के न्यायिक अभिरक्षा में जाने के बाद कॉलेज का शैक्षणिक कार्य प्रभावित न हो, इसलिए एक शिक्षिका को केवल अस्थायी प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी गई थी। आरोप है कि इसी व्यवस्था का बाद में कथित रूप से दुरुपयोग करते हुए कॉलेज के संचालन और संपत्ति पर नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास किया गया।
कई लोगों पर गंभीर आरोप, पुलिस से कार्रवाई की मांग
शिकायत में प्रकाश सिंह मेहरा, बहादुर सिंह, डॉ. पल्लवी धौलाखंडी और दिनेश सिंह धौलाखंडी पर कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर कॉलेज के संचालन और स्वामित्व पर अवैध अधिकार स्थापित करने की कोशिश करने के आरोप लगाए गए हैं।
संस्थापक पक्ष ने प्रकाश सिंह मेहरा को कथित षड्यंत्र का मुख्य सूत्रधार बताते हुए आरोप लगाया है कि बहादुर सिंह स्वयं को कॉलेज का डायरेक्टर बताकर विभिन्न प्रशासनिक गतिविधियां संचालित कर रहे हैं, जबकि शिकायतकर्ता के अनुसार उन्हें ऐसा करने का कोई वैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं है।
अवैध बैंक खाते और फीस के कथित दुरुपयोग का भी आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि “Maryam College of Paramedical Education” के नाम से बिना अधिकृत अनुमति एक्सिस बैंक में बैंक खाता खोला गया और छात्रों से प्राप्त फीस का कथित रूप से अनुचित उपयोग किया गया।
संस्थापक पक्ष ने पुलिस से मांग की है कि सभी बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और दस्तावेजों की विस्तृत जांच कराई जाए तथा यदि अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाए।
कॉलेज की साख और छात्रों के भविष्य पर चिंता
संस्थापक पक्ष का कहना है कि यह विवाद केवल किसी पद या व्यक्ति का नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत से स्थापित एक शैक्षणिक संस्थान की प्रतिष्ठा और छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है।
शिकायतकर्ताओं का दावा है कि यदि समय रहते मामले की जानकारी सामने नहीं आती तो कॉलेज की संपत्ति, प्रशासनिक व्यवस्था और विद्यार्थियों के हित प्रभावित हो सकते थे।
दोनों पक्ष पहुंचे पुलिस के पास
बताया गया कि 25 जुलाई को सोसायटी के सदस्य कॉलेज की प्रशासनिक एवं वित्तीय व्यवस्था की समीक्षा के लिए परिसर पहुंचे। इस दौरान विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों से जुड़े लोग भी मौजूद रहे।
दूसरी ओर, मामले के दूसरे पक्ष ने भी पुलिस को अपनी शिकायत सौंपी है। मुखानी पुलिस ने दोनों पक्षों से कॉलेज के स्वामित्व, संचालन और वित्तीय अधिकारों से जुड़े वैध दस्तावेज मांगे हैं।
संस्थापक पक्ष का कहना है कि उसने अपने सभी आवश्यक दस्तावेज पुलिस को उपलब्ध करा दिए हैं, जबकि दूसरे पक्ष ने कुछ अभिलेख और वित्तीय विवरण प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा है।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी सच्चाई
मरियम एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी ने कहा है कि उसे पुलिस प्रशासन और न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है तथा वह जांच में पूरा सहयोग करेगी।
फिलहाल पूरा मामला पुलिस जांच के अधीन है। किसी भी पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले से जुड़े तथ्यों और जिम्मेदारियों का निर्धारण पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगा।

