बाजपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर अजय गणपति के निर्देशन में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने गुरुवार को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, सुल्तानपुर, बाजपुर में छात्राओं और विद्यालय स्टाफ को मानव तस्करी तथा बाल अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम में बाल तस्करी, बाल श्रम, बाल विवाह, बाल शोषण और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों से जुड़े जोखिमों की जानकारी देते हुए आपात स्थिति में सहायता लेने के तरीकों के बारे में बताया गया।
बहला-फुसलाकर ले जाने के खतरे से किया सचेत
एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने छात्राओं को बताया कि मानव तस्करी के मामलों में बच्चों को लालच, प्रलोभन या बहकावे में लेकर शोषण का शिकार बनाया जा सकता है। छात्राओं से कहा गया कि वे अनजान व्यक्तियों पर आसानी से भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल अपने अभिभावकों, शिक्षकों या पुलिस को दें।

बाल अपराधों की रोकथाम पर दी जानकारी
जागरूकता कार्यक्रम में छात्राओं को बाल तस्करी के साथ ही बाल श्रम, बाल विवाह और बाल शोषण जैसी घटनाओं के संबंध में जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी किसी भी आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और समय रहते संबंधित विभाग को सूचना देना जरूरी है।
विभागों के प्रतिनिधियों ने किया संवाद
कार्यक्रम में बाल कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग और चाइल्ड हेल्पलाइन के प्रतिनिधियों ने भी प्रतिभाग किया। प्रतिनिधियों ने बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा और सहायता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां छात्राओं के साथ साझा कीं। विभिन्न विभागों के समन्वय से बाल अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों की जानकारी भी दी गई।

1098 पर मिलेगी बाल सहायता
चाइल्ड हेल्पलाइन के प्रतिनिधियों ने छात्राओं को बताया कि किसी बच्चे को सहायता, संरक्षण अथवा सुरक्षा की आवश्यकता होने पर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 से संपर्क किया जा सकता है। छात्राओं को हेल्पलाइन के उपयोग और जरूरत के समय सहायता मांगने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
आपात स्थिति में 112 पर करें सूचना
पुलिस की आपातकालीन सेवा 112 के बारे में भी छात्राओं और विद्यालय स्टाफ को जानकारी दी गई। बताया गया कि किसी तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता होने पर 112 पर सूचना दी जा सकती है।

समय पर सूचना देने की अपील
कार्यक्रम के समापन पर छात्राओं और विद्यालय स्टाफ से अपील की गई कि बच्चों से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा अपराध की जानकारी छिपाने के बजाय तत्काल संबंधित विभाग या पुलिस को दें। अधिकारियों ने बताया कि समय पर सूचना मिलने से संभावित अपराध की रोकथाम के साथ बच्चों को आवश्यक सहायता और संरक्षण उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
महत्वपूर्ण हेल्पलाइन
- चाइल्ड हेल्पलाइन — 1098
- पुलिस आपातकालीन सेवा — 112
