रुद्रपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र में हुए बहुचर्चित हत्या कांड का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। बुधवार को एसएसपी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने मामले से पर्दा उठाया । उन्होंने बताया कि हत्याकांड के खुलासे को लेकर गहन जांच पड़ताल, तकनीकी साक्ष्यों और 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल के आधार पर ट्रांजिट कैंप पुलिस ने हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि महज ₹5,000 की चोरी के संदेह में आरोपी ने अपने ही करीबी मित्र की योजनाबद्ध तरीके से हत्या कर दी।
निर्माणाधीन मकान के पास मिला था युवक का शव
31 जुलाई 2026 को ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र के शिवनगर स्थित एक निर्माणाधीन मकान के समीप एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ था। शव के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान मिलने से हत्या की आशंका जताई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अजय गणपति ने तत्काल विशेष पुलिस टीम गठित कर घटना के शीघ्र खुलासे के निर्देश दिए।

एसएसपी के निर्देशन में शुरू हुआ हाईटेक जांच अभियान
कोतवाली ट्रांजिट कैंप पुलिस ने प्रभारी निरीक्षक धर्मवीर सोलंकी के नेतृत्व में घटनास्थल के आसपास लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का सूक्ष्म विश्लेषण, स्थानीय लोगों से पूछताछ तथा तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। पुलिस ने मृतक की पहचान अनिल कुमार (23 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय सुभाष चंद्र, निवासी ठाकुर नगर, ट्रांजिट कैंप के रूप में की।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला हत्या का राज
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि युवक की मौत गला दबाकर हत्या किए जाने से हुई है। इसके बाद पुलिस ने घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ते हुए आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
दोस्ती की आड़ में रची गई हत्या की साजिश
विवेचना में सामने आया कि घटना वाले दिन मृतक अपने तीन साथियों के साथ आजाद नगर क्षेत्र में शराब पी रहा था। कुछ देर बाद दो साथी वहां से चले गए, जबकि मृतक अपने करीबी मित्र सुनील कुमार उर्फ इक्का के साथ रह गया।

पुलिस के अनुसार आरोपी सुनील पहले से ही हत्या की योजना बना चुका था। वह मृतक को बहला-फुसलाकर शिवनगर स्थित निर्माणाधीन मकान में ले गया, जहां दोनों ने शराब पी। इसके बाद आरोपी ने लकड़ी की फंटी और ईंट से हमला किया तथा अंत में मौके पर पड़ी रस्सी से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
₹5 हजार की चोरी के शक में ली जान
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसे संदेह था कि मृतक ने उसके ₹5,000 चोरी कर लिए थे। इसी रंजिश के चलते उसने हत्या की वारदात को अंजाम दिया।

अहम साक्ष्य बरामद
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त रस्सी और ईंट का टुकड़ा बरामद कर लिया है। वहीं फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से रक्तरंजित नमूने सहित अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य भी एकत्र किए हैं, जिन्हें परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
एसएसपी की सक्रिय मॉनिटरिंग से मिली सफलता
पूरे प्रकरण में एसएसपी अजय गणपति स्वयं लगातार मॉनिटरिंग करते रहे। उनकी रणनीतिक कार्यशैली, तकनीकी जांच पर विशेष जोर और त्वरित कार्रवाई के चलते पुलिस ने कम समय में हत्या की गुत्थी सुलझाकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की वैधानिक एवं न्यायिक कार्रवाई जारी है।
घटनाक्रम के सफल अनावरण में इनका रहा अहम योगदान
प्रभारी निरीक्षक धर्मवीर सोलंकी ,उपनिरीक्षक महेश काण्डपाल ,अपर उपनिरीक्षक चंद्र प्रकाश बवाड़ी ,हेड कांस्टेबल अनिल कुमार , कांस्टेबल हिमांशु कुमार , पीआरडी वीरू त्रिपाठी शामिल रहे ।
