रुद्रपुर । भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ उधमसिंह नगर के एसएसपी अजय गणपति की जीरो टॉलरेंस नीति का बड़ा असर देखने को मिला है। हिमाचल प्रदेश के शिमला में हुई एक हाई-प्रोफाइल चोरी के मामले में उधमसिंह नगर पुलिस और हिमाचल पुलिस ने संयुक्त रूप से एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस टीम ने रुद्रपुर-रामपुर सीमा पर स्थित आबकारी चेक पोस्ट पर तैनात 4 आबकारी कर्मियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों पर चोरी की बहुमूल्य संपत्ति (सोने-हीरे के आभूषण और नकदी) को अवैध रूप से अपने पास रखने का आरोप है।
शिमला से नेपाल ले जाई जा रही थी चोरी की संपत्ति
मामले का खुलासा तब हुआ जब शिमला के थाना सदर में दिनांक 08 सितंबर 2026 को दर्ज FIR संख्या 117/2026 (धारा 306 BNS) के तहत पुलिस एक बड़ी चोरी की जांच कर रही थी। पीड़ित महिला के घर से नकदी, सोने-हीरे के जेवरात और कीमती घड़ियां चोरी हुई थीं, जिसमें ‘करिश्मा’ नाम की एक नेपाली महिला की संलिप्तता सामने आई थी।
जांच में पता चला कि संदिग्ध नेपाली आरोपी शिमला से दिल्ली पहुंचे और वहां से एक सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार से रुद्रपुर के रास्ते नेपाल भागने की फिराक में थे।
आबकारी चेक पोस्ट पर खुला खेल, रक्षक ही बने भक्षक
एसएसपी अजय गणपति के निर्देश पर रुद्रपुर और पंतनगर कोतवाली पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज और टेक्निकल सर्विलांस की मदद ली, तो चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। 8 सितंबर की सुबह करीब 11:00 बजे आबकारी चेक पोस्ट पर तैनात कर्मियों ने इस संदिग्ध कार को चेकिंग के लिए रोका था। कार की तलाशी के दौरान भारी मात्रा में जेवरात और नकदी देखकर आबकारी कर्मियों की नीयत डोल गई और उन्होंने कानूनी कार्रवाई करने के बजाय उस संपत्ति को आपस में छिपाकर रख लिया।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम:
साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर 20 सितंबर 2026 की रात संयुक्त पुलिस टीम ने निम्नलिखित आबकारी कर्मियों को गिरफ्तार कर लिया:
1. बलजीत सिंह (उम्र 35 वर्ष) – निवासी: लालपुर, किच्छा, उधमसिंह नगर।
2. नईम (उम्र 36 वर्ष) – निवासी: केलाखेड़ा, उधमसिंह नगर।
3. पप्पू लाल (उम्र 58 वर्ष) – निवासी: गदरपुर, उधमसिंह नगर।
4. देवेंद्र कुमार (उम्र 56 वर्ष) – निवासी: रामनगर, नैनीताल (तैनाती: सिडकुल पंतनगर आबकारी कार्यालय)।
बरामदगी और आगे की कार्रवाई
गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों के कब्जे से शिमला से चोरी किए गए बहुमूल्य आभूषण और नकदी बरामद कर ली गई है। बरामद माल और आरोपियों को आगे की वैधानिक औपचारिकताएं पूरी करने के लिए हिमाचल पुलिस को सौंप दिया गया है।
इस बड़ी कामयाबी पर क्षेत्र में पुलिस की तत्परता की सराहना हो रही है। एसएसपी अजय गणपति ने साफ संदेश दिया है कि अपराध में लिप्त कोई भी व्यक्ति, चाहे वह किसी भी सरकारी पद पर क्यों न हो, बख्शा नहीं जाएगा।
