किच्छा । किच्छा में स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को बिना वैध पंजीकरण संचालित हो रहे क्लीनिकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच संस्थानों पर औचक छापा मारा। अचानक पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लीनिकों के संचालन और जरूरी दस्तावेजों की पड़ताल की तो पांचों के पास वैध पंजीकरण नहीं मिला। कार्रवाई की भनक लगते ही क्षेत्र में बिना पंजीकरण चिकित्सा सेवाएं चला रहे संचालकों में खलबली मच गई। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता के स्वास्थ्य से जुड़े नियमों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पांच ठिकाने, एक जैसी तस्वीर
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव कुमार गोस्वामी के निर्देश पर नोडल अधिकारी डॉ. सुधीर गुप्ता की विशेष टीम किच्छा क्षेत्र में पहुंची और पांच क्लीनिकों का गहन निरीक्षण किया। जांच के दौरान गुप्ता डेंटल केयर, गुरुकृपा क्लीनिक, अर्चना क्लीनिक, राहुल क्लीनिक और मित्रा क्लीनिक में वैध पंजीकरण नहीं पाया गया। वहीं स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई ने क्षेत्र में चिकित्सा संस्थानों के संचालन से जुड़े नियमों के पालन पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कागजों की जांच में खुली पोल
औचक निरीक्षण का सबसे अहम हिस्सा क्लीनिकों के पंजीकरण से संबंधित दस्तावेजों की जांच रहा। विभागीय टीम के मुताबिक, पांचों संस्थानों के पास वैध पंजीकरण नहीं मिला। यानी स्वास्थ्य सेवाएं संचालित करने के लिए जरूरी वैधानिक प्रक्रिया पूरी किए बिना ही इन क्लीनिकों का संचालन किया जा रहा था।
क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत पंजीकरण चिकित्सा संस्थानों के नियमन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में बिना वैध पंजीकरण संचालन को विभाग ने गंभीर अनियमितता माना है।

नोडल अधिकारी की टीम ने संभाला मोर्चा
कार्रवाई का नेतृत्व नोडल अधिकारी डॉ. सुधीर गुप्ता की विशेष टीम ने किया। टीम ने मौके पर पहुंचकर संस्थानों की स्थिति और संबंधित अभिलेखों की जांच की। निरीक्षण में अनियमितता सामने आने के बाद अब पांचों क्लीनिकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सीएमओ का सख्त संदेश
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव कुमार गोस्वामी ने साफ शब्दों में कहा कि जिले में बिना पंजीकरण और निर्धारित मानकों के विपरीत संचालित होने वाले क्लीनिकों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
