चम्पावत । धामीसौन नदी से लगातार हो रहे भू-कटाव को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार ने गुरुवार को खुनाड़ी, बिलौटासौन और ग्राम पंचायत डिंगडई के प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। किसानों की शिकायत पर स्वयं मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी ने सिंचाई, आपदा प्रबंधन और खान विभाग के अधिकारियों के साथ कटाव प्रभावित क्षेत्र का विस्तृत जायजा लिया तथा स्पष्ट निर्देश दिए कि कृषि भूमि की सुरक्षा के लिए केवल अस्थायी नहीं, बल्कि तकनीकी रूप से प्रभावी और स्थायी समाधान तैयार कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसानों की आजीविका से जुड़े इस मुद्दे पर किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने भू-कटाव से प्रभावित खेतों का बारीकी से अवलोकन किया और स्थानीय किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन उनकी कृषि भूमि की सुरक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेगा और आवश्यक सुरक्षात्मक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कटाव की वर्तमान स्थिति, नदी के प्रवाह और संभावित जोखिम का तकनीकी परीक्षण कर विस्तृत कार्ययोजना शीघ्र प्रस्तुत की जाए, ताकि भविष्य में होने वाले नुकसान को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।

यह कार्रवाई जनता मिलन कार्यक्रम में मिली शिकायत के बाद की गई। खुनाड़ी, बिलौटासौन निवासी दुर्गा नंदन खर्कवाल ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया था कि वर्ष 2021 की आपदा के बाद धामीसौन नदी का कटाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे उनकी कृषि भूमि तेजी से नदी में समा रही है। उन्होंने खेतों की सुरक्षा के लिए बाढ़ सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों से रिपोर्ट मंगाने तक सीमित रहने के बजाय स्वयं मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में ऐसे सुरक्षात्मक कार्य किए जाएं जो दीर्घकालिक हों और भविष्य में किसानों की भूमि को कटाव से सुरक्षित रख सकें। उन्होंने संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर कार्ययोजना तैयार करने तथा प्रस्तावों को शीघ्र अमल में लाने के निर्देश दिए, ताकि बरसात के दौरान बढ़ते खतरे को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता सिंचाई रघुवर दत्त भट्ट, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल, जिला खान अधिकारी राहुल रावत, संबंधित राजस्व उपनिरीक्षक (पटवारी) आदि स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
