चम्पावत। गांधी जयंती से पहले चम्पावत में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सख्त रुख अपनाते हुए 2 अक्टूबर को पूरे जनपद में ड्राई-डे घोषित कर दिया है। जिलाधिकारी के आदेश के बाद 2 अक्टूबर को शराब की बिक्री और परिवहन पर पूरी तरह ब्रेक रहेगा। देशी-विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानों से लेकर थोक अनुज्ञापन, बार और कैंटीनों तक पर प्रतिबंध लागू रहेगा। इतना ही नहीं, जिले की सीमा के भीतर मादक पदार्थों की बिक्री एवं परिवहन भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। आदेश की अनदेखी करने वालों को प्रशासन ने साफ तौर पर कड़ी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी दी है।
गांधी जयंती पर मनीष कुमार का कड़ा फैसला
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम, 1910 के उत्तराखंड में यथाउपरांतरित एवं अनुकूलित प्रावधानों तथा संबंधित नियमों के तहत 2 अक्टूबर 2026 को चम्पावत जनपद में शुष्क दिवस घोषित किया है।
जिलाधिकारी की ओर से जारी आदेश में जिले के सभी संबंधित देशी एवं विदेशी मदिरा के थोक और फुटकर अनुज्ञापनों को निर्धारित तिथि पर पूरी तरह बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
शराब की बिक्री पर पूरी तरह रोक
2 अक्टूबर को चम्पावत जिले की सीमा के अंतर्गत देशी और विदेशी मदिरा की सभी फुटकर दुकानों पर बिक्री बंद रहेगी। इनमें सीएल-5सी और एफएल-5डी अनुज्ञापन शामिल हैं।
इसी तरह थोक अनुज्ञापन एफएल-2, एफएल-2बी और सीएल-2 के तहत भी मदिरा की बिक्री प्रतिबंधित रहेगी। यानी गांधी जयंती के दिन खुदरा से लेकर थोक स्तर तक शराब की बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी।
बार और कैंटीन भी आदेश के दायरे में
जिलाधिकारी के आदेश का दायरा केवल शराब की दुकानों तक सीमित नहीं है। सभी कैंटीनों के थोक एवं फुटकर अनुज्ञापन एफएल-9/9ए और एफएल-2ए भी 2 अक्टूबर को बंद रहेंगे।
इसके साथ ही बार अनुज्ञापन एफएल-7 तथा विटनरी और अन्य संबंधित अनुज्ञापनों में किसी भी प्रकार के मादक पदार्थों की बिक्री एवं परिवहन पर भी पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
बिक्री के साथ परिवहन पर भी शिकंजा
प्रशासन ने सिर्फ शराब की बिक्री रोकने तक ही आदेश सीमित नहीं रखा है। 2 अक्टूबर को चम्पावत जनपद की सीमा के भीतर मदिरा एवं मादक पदार्थों के परिवहन पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
इसका मतलब यह है कि ड्राई-डे के दौरान प्रतिबंधित मदिरा या मादक पदार्थों की आवाजाही को भी नियमों के उल्लंघन के रूप में लिया जाएगा।
आदेश तोड़ा तो होगी सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने आदेश के उल्लंघन को लेकर भी स्पष्ट रुख अपनाया है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति या अनुज्ञापी प्रतिबंध के बावजूद मदिरा अथवा मादक पदार्थों की बिक्री या परिवहन करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी के इस आदेश के बाद 2 अक्टूबर को चम्पावत जनपद में शराब और मादक पदार्थों की बिक्री-परिवहन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। संबंधित अनुज्ञापियों को आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
