सख्ती का असर: एसएसपी अजय गणपति ने वाहन चोरों पर कसा शिकंजा
सितारगंज। सड़क किनारे खड़ी बाइक, अस्पताल के बाहर वाहन या बैंक के सामने कुछ देर के लिए छोड़ी गई मोटरसाइकिल—वाहन चोरों के लिए यही आसान निशाने थे। लेकिन सितारगंज क्षेत्र में लगातार सामने आ रही वाहन चोरी की घटनाओं पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस टीम को सीधे गिरोह की तह तक पहुंचने के निर्देश दिए। नतीजा यह रहा कि पुलिस ने दो शातिर वाहन चोरों को दबोचते हुए उनके कब्जे और निशानदेही पर चोरी की सात मोटरसाइकिलें बरामद कर लीं। बरामद वाहनों में तीन मोटरसाइकिलें सितारगंज में दर्ज तीन अलग-अलग मुकदमों से जुड़ी मिली हैं, जबकि चार अन्य वाहनों के संबंध में पुलिस पड़ताल कर रही है।
तीन वारदातों ने खोली चुनौती, अजय गणपति ने तत्काल गठित कराई टीम
मामला 30 सितंबर से शुरू होता है। सितारगंज निवासी मनोज कुमार अपनी हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल संख्या यूपी26एक्स4051 से यूको बैंक पहुंचे थे। बैंक के बाहर बाइक खड़ी कर अंदर गए और वापस लौटे तो वाहन गायब था।
इसके बाद 3 अक्टूबर को अनिकेत, निवासी बगनेरा, जिला पीलीभीत, अपनी स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल संख्या यूके06एक्यू2307 से चौधरी मार्केट स्थित श्रीराम इलेक्ट्रॉनिक्स पहुंचे। दुकान के बाहर खड़ी बाइक कुछ ही देर में चोरों के हाथ साफ हो गई।
सबसे ताजा वारदात 5 अक्टूबर की दोपहर सामने आई। सत्यजीत मंडल, निवासी निर्मलनगर, अपनी पत्नी को नियमित जांच के लिए सक्सेना नर्सिंग होम लेकर पहुंचे थे। नर्सिंग होम के सामने मोटरसाइकिल संख्या यूके06एएच2843 खड़ी की और करीब एक घंटे बाद लौटे तो बाइक मौके से गायब थी।
लगातार सामने आई इन वारदातों के बाद कोतवाली सितारगंज में प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या 487/2026, 488/2026 और 489/2026, भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के तहत मुकदमे दर्ज किए गए।
वाहन चोरी की इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने घटनाओं के शीघ्र अनावरण और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक नगर रुद्रपुर, अपर पुलिस अधीक्षक अपराध और क्षेत्राधिकारी सितारगंज के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक सितारगंज ने टीम को सक्रिय किया।

सुराग से घेरा तक: मुखबिर की सूचना पर सूरखी नदी पुल के पास दबोचे गए दोनों
पुलिस ने घटनास्थलों और संभावित ठिकानों पर सुरागरसी-पतारसी तेज की। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया।
इसी कड़ी में 6 अक्टूबर 2026 को पुलिस को मुखबिर से अहम सूचना मिली। सूचना पर पुलिस टीम ने सूरखी नदी पुल की ओर घेराबंदी की। पुलिस की कार्रवाई से दो संदिग्धों को भागने का मौका नहीं मिला और दोनों को दबोच लिया गया।
पूछताछ में सामने आए तथ्यों ने पुलिस को वाहन चोरी के एक बड़े नेटवर्क तक पहुंचा दिया। आरोपियों की निशानदेही पर पहले प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या 487/2026 में चोरी गई स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल संख्या यूके06एएच2843 बरामद की गई।
इसके बाद पुलिस ने आरोपियों द्वारा बताए गए ठिकाने पर दबिश दी। वन शक्ति मंदिर के पास सुनसान स्थान पर झाड़ियों में छिपाकर रखी गई छह अन्य मोटरसाइकिलें भी बरामद कर ली गईं।
इस तरह पुलिस के हाथ कुल सात चोरी की मोटरसाइकिलें लगीं।
एक-एक कर खुलती गई चोरी की परतें
बरामद मोटरसाइकिलों के चेचिस नंबर और ई-चालान एप के जरिए सत्यापन किया गया। जांच में दो मोटरसाइकिलें सितारगंज कोतवाली में दर्ज प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या 488/2026 और 489/2026 से संबंधित पाई गईं।
यानी पुलिस के हाथ लगी बरामदगी में उन तीनों वारदातों के वाहन शामिल थे, जिनकी रिपोर्ट हाल ही में दर्ज हुई थी।
बाकी चार मोटरसाइकिलों के संबंध में संबंधित थानों से जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को आशंका है कि इन वाहनों का संबंध अन्य वाहन चोरी की घटनाओं से हो सकता है। फिलहाल पुलिस रिकॉर्ड खंगालने के साथ-साथ संबंधित थानों से संपर्क कर रही है।
रेकी, चोरी और फिर नंबर प्लेट गायब—ऐसे चलता था खेल
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे सितारगंज, बरा और किच्छा क्षेत्र में सड़क किनारे, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर खड़ी मोटरसाइकिलों की रेकी करते थे।
मौका मिलते ही वाहन चोरी कर उसे सीधे बेचने के बजाय पहले किसी सुनसान स्थान पर छिपा देते थे। बाद में मोटरसाइकिलों की नंबर प्लेट आदि हटाकर उन्हें कम कीमत में बेचने की तैयारी की जाती थी।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी की मोटरसाइकिलों को किन लोगों को बेचा जाता था और इस नेटवर्क में इनके अलावा और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहित ढाली पुत्र समीर ढाली, निवासी निर्मलनगर, शक्तिफार्म, उम्र 36 वर्ष और इन्द्रजीत बढ़ई पुत्र सुशील बढ़ई, निवासी ग्राम राजनगर, शक्तिफार्म, उम्र 25 वर्ष के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार रोहित ढाली के खिलाफ पूर्व में मादक पदार्थों से संबंधित एक अभियोग दर्ज है। वहीं इन्द्रजीत बढ़ई के खिलाफ मादक पदार्थों और वाहन चोरी के दो पूर्व अभियोग दर्ज बताए गए हैं।
आरोपियों से अन्य वाहन चोरी की घटनाओं और उनके संभावित नेटवर्क को लेकर पूछताछ जारी है।
सात बाइक बरामद, तीन सीधे हालिया मुकदमों से जुड़ीं
पुलिस के अनुसार बरामद वाहनों में—
- हीरो स्प्लेंडर प्लस यूके06एएच2843 — प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या 487/2026 से संबंधित।
- हीरो स्प्लेंडर प्लस यूके06एक्यू2307 — प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या 489/2026 से संबंधित।
- हीरो स्प्लेंडर प्लस यूपी26एक्स4051 — प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या 488/2026 से संबंधित।
- प्लेटिना यूके06पी3161।
- स्प्लेंडर प्लस यूके06एवाई0972।
- स्प्लेंडर प्लस यूके06एम4830।
- स्प्लेंडर प्लस यूपी25सीएम6276।
शेष चार वाहनों के संबंध में पुलिस सत्यापन कर रही है।
अजय गणपति के निर्देश पर पुलिस का फोकस साफ—चोरों तक पहुंचना और नेटवर्क तोड़ना
सितारगंज में लगातार हुई वाहन चोरी की घटनाओं के बाद पुलिस की यह कार्रवाई महज तीन मुकदमों के खुलासे तक सीमित नहीं मानी जा रही है। सात मोटरसाइकिलों की बरामदगी ने पुलिस के सामने वाहन चोरी के संभावित पुराने मामलों की भी कड़ी खोल दी है।
एसएसपी अजय गणपति के निर्देश के बाद पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से यह जानने में जुटी है कि चोरी के वाहनों को कहां-कहां खपाया जाता था, उनके साथ कौन लोग जुड़े थे और पूर्व में चोरी किए गए वाहनों का क्या किया गया।
बरामद चार अन्य मोटरसाइकिलों की पहचान होने के बाद वाहन चोरी के और मामलों के खुलने की संभावना भी बनी हुई है।
आरोपियों के खिलाफ बरामदगी के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2)/317(2) के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की गई है। दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
पुलिस टीम
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक सुंदरम शर्मा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक जावेद मलिक, उपनिरीक्षक जगदीश चन्द्र तिवारी, उपनिरीक्षक जगत शाही, उपनिरीक्षक प्रेम सिंह, मुख्य आरक्षी नवनीत कुमार, मुख्य आरक्षी कुन्दन सिंह, मुख्य आरक्षी जगदीश कोठियाल, मुख्य आरक्षी मनोज ग्वाल और आरक्षी कृष्ण चंद्र शामिल रहे।
