चम्पावत | चम्पावत में आगामी 23 सितंबर से 25 सितंबर 2026 तक तीन दिवसीय भव्य निःशुल्क ‘आयुष्कामीय शिविर’ का आयोजन होने जा रहा है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित होने वाले इस महाशिविर का मुख्य उद्देश्य सीमांत क्षेत्र की जनता को बिना किसी खर्च के आयुर्वेद की सुपर-स्पेशलिटी चिकित्सा पद्धतियों का सीधा लाभ पहुँचाना है। इसी क्रम में 23 सितंबर को 11वें आयुर्वेद दिवस के मौके पर नगर महालक्ष्मी मार्केट स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में नव-निर्मित ‘आयुर्वेद उत्कर्ष केंद्र’ का औपचारिक उद्घाटन भी किया जाएगा, जो भविष्य में इस क्षेत्र के लिए रीढ़ की हड्डी साबित होगा।
सुबह 10 से शाम 5 बजे तक मुफ्त ओपीडी
जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ. आनंद सिंह के मुताबिक, तीन दिनों तक चलने वाला यह विशेष चिकित्सा शिविर प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक संचालित होगा। आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग तथा राष्ट्रीय आयुष मिशन, उत्तराखंड द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस कैंप में आने वाले मरीजों को गंभीर बीमारियों के परामर्श के साथ-साथ आवश्यक दवाइयां भी बिना किसी शुल्क के वितरित की जाएंगी।
क्रॉनिक पेन और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों पर फोकस
यह शिविर साधारण सर्दी-जुकाम के लिए नहीं, बल्कि शरीर की पुरानी और जटिल बीमारियों के इलाज पर केंद्रित रहेगा। विशेषज्ञों की टीम निम्नलिखित विकारों की ऑन-स्पॉट जांच और उपचार करेगी:
गंभीर वात एवं रीढ़ के रोग: कमर दर्द, गर्दन दर्द, घुटनों का दर्द, सर्वाइकल, लम्बर स्पोंडिलाइटिस, साइटिका, गंभीर गठिया और मांसपेशियों की जकड़न।
जटिल गुदा रोग: पाइल्स (बवासीर), फिस्टुला (भगन्दर), फिशर और पाइलोनाइडल साइनस।
बिना चीर-फाड़ की विशेष शल्य चिकित्साएं
इस शिविर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ बिना किसी बड़े ऑपरेशन के, पारंपरिक और आधुनिक थेरेपी से गंभीर रोगों को ठीक किया जाएगा। मरीजों को क्षारसूत्र चिकित्सा (विशेष शल्य पद्धति), मर्म चिकित्सा, अग्निकर्म चिकित्सा, आयुर्वेदिक न्यूरोथेरेपी, रक्तमोक्षण और प्रामाणिक आयुर्वेदिक पंचकर्म जैसी विशिष्ट सेवाएं मौके पर दी जाएंगी। इसके अलावा क्रॉनिक मरीजों के लिए डाइट और लाइफस्टाइल मॉडिफिकेशन का काउंसिलिंग सत्र भी चलेगा।
ऑन-स्पॉट मुफ्त रजिस्ट्रेशन की सुविधा
विभाग द्वारा दी जाने वाली विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं की प्रदर्शनी भी इस आयोजन का मुख्य हिस्सा होगी। जिला आयुर्वेद विभाग ने क्षेत्र के सभी नागरिकों, प्रबुद्ध जनों और जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे समय से चिकित्सालय पहुंचकर अपना निःशुल्क पंजीकरण सुनिश्चित करें, ताकि विशेषज्ञों की सेवाओं का पूरा लाभ उठाया जा सके।
