खटीमा। जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के पद पर हाल ही में नियुक्त हुए डॉ. संजीव कुमार गोस्वामी ने पदभार संभालने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए अब जमीनी स्तर पर निगरानी शुरू कर दी है। इसी क्रम में शुक्रवार को उन्होंने नागरिक चिकित्सालय खटीमा का पहला निरीक्षण किया। अचानक हुए निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का जायजा लेने के साथ ही भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत कर उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं का फीडबैक लिया। मरीजों से प्राप्त फीडबैक संतोषजनक रहा।
मरीजों के बीच पहुंचे सीएमओ , खुद पूछा—कैसी मिल रही स्वास्थ्य सुविधा
निरीक्षण के दौरान डॉ. संजीव कुमार गोस्वामी ने केवल कागजी व्यवस्थाओं की जानकारी लेने के बजाय अस्पताल में भर्ती मरीजों से सीधे संवाद किया। उन्होंने मरीजों से उपचार, चिकित्सकीय सेवाओं और अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। मरीजों से मिले संतोषजनक फीडबैक से अस्पताल में उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहतर नजर आई।

गाइनी वार्ड में सबसे अधिक मरीज, जनरल वार्ड और इमरजेंसी भी देखी
निरीक्षण के समय नागरिक चिकित्सालय में कुल 14 मरीज भर्ती पाए गए। इनमें गाइनी वार्ड में 07 मरीज, जनरल वार्ड में 05 मरीज तथा इमरजेंसी में 02 मरीज ऑब्जर्वेशन में भर्ती थे। सीएमओ ने संबंधित वार्डों का निरीक्षण करते हुए मरीजों के उपचार और उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
साफ-सफाई पर भी नजर, व्यवस्था मिली संतोषजनक
अस्पताल के निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई व्यवस्था को भी विशेष रूप से देखा गया। चिकित्सालय में सफाई व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। सीएमओ ने अस्पताल स्टाफ को निर्देशित किया कि मरीजों को स्वच्छ और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सफाई व्यवस्था में निरंतरता बनाए रखी जाए।

चिकित्सकों और स्टाफ को दिए स्पष्ट दिशा-निर्देश
निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आर.डी. भट्ट, वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेश अरोरा एवं अन्य स्टाफ को सीएमओ डॉ. संजीव कुमार गोस्वामी ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और अस्पताल की व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखने पर जोर दिया।
इस दौरान एसीएमओ डॉ. डी.पी. सिंह भी मौजूद रहे।
सीएमओ के पद पर नई जिम्मेदारी संभालने के बाद डॉ. गोस्वामी का यह पहला निरीक्षण रहा। उनके इस दौरे से यह संकेत भी मिला कि नई जिम्मेदारी संभालने के साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति पर निगरानी और अस्पतालों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने पर उनका फोकस है।
